शायद इस चराचर जगत में हमारा भारत ही अकेला राष्ट्र होगा जहां उच्च न्यायालय को ये बताना पड़े कि,,,राष्ट्रगान और राष्टीय ध्वज का सम्मान हर नागरिक का संवैधानिक कर्तव्य है,,,
जिस प्रकार राष्ट्रगान किसी भी राष्ट्र की राष्ट्रीय अखण्डता,,,,, पंथ निरपेक्षता ,,,और,,,लोकतांत्रिक भावना का प्रसार है,,,
ठीक उसी प्रकार हमारा राष्ट्रध्वज कपड़े और श्याही से रँगा टुकड़ा मात्र नही अपितु
हमारी आन,,,बान,,, शान है
इसलिए इसमें अपनी कुत्सित मानशिकता से ऊपर उठकर
और गंदी और ओछी राजनीति छोड़कर,,,इसका सम्मान करना सीखें
जय हिंद
जय भारत
Nirmal Earthcarefoundation Ngo
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