एक मेरे मित्रवर ने नीचे चित्र की बाते चुटकुले स्वरूप मुझे भेजा,,, ये कैसे और किस प्रकार के संदेश है जो हमारी संस्कृति और हमारे संस्कारों का ,,,हमारे विस्वास का किस तरह मजाक बना रहे है ,,,हमारे माता पिता ये बचपन से सीख देते आये है सत्कर्म का फल अच्छा होता है,,,और बुरे कर्मो का फल गलत
लेकिन शायद हम उनकी सीख को मजाक में ही लिए इसीलिए इन आत्मिक शब्दों का हम अपमान कर रहे है
विचार कीजिये,,,,,हम कहां जा रहे है
Nirmal Earthcarefoundation Ngo
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