क्या कोई जानता है कि,,,
गरीबों,,, अनाथों,,, और लाचार,,,लोगो की क्या जाति,,, या धर्म होता है,,,,
वो हिन्दू,,,है,,,या ,,,मुस्लिम,,,,सिख,,,या ,,,ईसाई,,,
शायद इनकी जाति,,, गरीबी,,
और,,,धर्म भी,,,गरीब ही होता है,,
तभी हर धर्म के ठेकेदार,,,को कोई दर्द नही होता,,,
ना ही वो उनकी आवाज बनना चाहते है,,,
ना ही कोई फतवा निकालता है इसके खिलाफ,,,
ना किसी किसी में संवेदना या दया होती है इनके लिए,,,
क्योकि,,, हम,,और ,,,हमारा देश,,,,जाति,, और,,,धर्म में बंटा हुआ है,,,हम कुछ कुत्सित मानसिकता वाले लोगो की भीड़ ज्यादा पसंद करते है,,,
क्योकि शायद गरीबो से कोई फायदा नही है,,
नाही किसी पुजारी को,,,
और,,
नाही किसी,,,मौलवी को,,,
इसलिए मित्रो ,,
हिन्दू,,,मुस्लिम,,,
बनने से पहले भारतीय बनो,,,
भारत माता की जय,,
जय हिंद,,,
जय भारत,,,
Earth care foundation
Nirmal Kumar Awasthi
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