Tuesday, September 25, 2018

बस 1 मिनट हाथ की उँगलियों को रगड़ने से शरीर का दर्द गायब हो जाता है।

बस 1 मिनट हाथ की उँगलियों को रगड़ने से शरीर का दर्द गायब हो जाता है।

संवेदनशीलता की प्राचीन कला के अनुसार प्रत्येक उँगली विशेष बीमारी और भावनाओं के साथ जुड़ी होती  है। हमारे हाथ की पाँचों उँगलियाँ शरीर के अलग- अलग अंगों से जुड़ी होती हैं। इसका मतलब आपको दर्द नाशक दवाइयाँ खाने की बजाय इस आसान और प्रभावशाली तरीके का इस्तेमाल करना चाहिए। आज इस लेख के माध्यम  से हम आपको यह बतायेंगे कि शरीर के किसी हिस्से का दर्द सिर्फ़ हाथ की उँगली को रगड़ने से कैसे दूर होता है ?

हमारे हाथ की अलग-अलग उँगलियाँ अलग-अलग बीमारियों और भावनाओं से जुड़ी होती हैं। 
शायद आपको पता न हो , हमारे हाथ की उँगलियाँ, चिंता, डर और चिड़चिड़ापन दूर करने की क्षमता रखती हैं। उँगलियों पर धीरे से दबाव डालने से शरीर के कई अंगों पर प्रभाव पड़ेगा ।

आइये हम यह जानने की कोशिश करते हैं कि कैसे हाथ की उँगलियों को रगड़ने से, दूर हो सकता है शरीर का दर्द ?

1. अँगूठा(अंगुष्ठ)Thumb-  हाथ का अँगूठा हमारे फेफड़ों से जुड़ा होता है।अगर आपके दिल की धड़कन तेज़ है, तो हल्के हाथों से अँगूठे की मालिश करें और हल्का सा खींचें। इससे आपको आराम मिलेगा।

2. पहली उँगली(तर्जनी) Index (ForeFinger)- यह उँगली आँतों ( gastro intestinal tract) से जुड़ी होती है।
अगर आपके पेट में दर्द है, तो इस उँगली को हल्का-सा रगड़े, दर्द कम होता महसूस होगा।

3. बीच की उँगली(मध्यमा) Middle Finger- यह उँगली परिसंचरण तंत्र (circulation system) से जुड़ी होती है । अगर आप को चक्कर आता है या आपका जी घबरा रहा है, तो इस उँगली पर मालिश करने से तुरंत राहत मिलेगी।

4. तीसरी उँगली(अनामिका) Ring Finger- यह उँगली आपकी मनोदशा से जुड़ी होती है। अगर किसी कारण आपकी मनोदशा अच्छी नहीं है ,या शाँति चाहते हैं, तो इस उँगली की हल्की-सी मालिश करें और खींचें ,आपको जल्द ही इसके अच्छे नतीजे प्राप्त हो जायेंगे ,आपका मन खिल उठेगा।

5. छोटी उँगली(कनिष्ठिका) Little Finger- छोटी उँगली का किडनी और सिर के साथ सम्बन्ध होता है।
अगर आपके सिर में दर्द है, तो इस उँगली को हल्का सा दबायें और मालिश करें, आपका सिर दर्द गायब हो जायेगा। इसकी मालिश करने से किडनी भी तंदुरुस्त रहती है और हम स्वस्थ।

इसके साथ-साथ आज में जीने की कोशिश करें, कल अपने आप सुधरता जाएगा।
                     शुभमस्तु !
                                      --प्रतापनारायण मिश्र

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