Friday, September 14, 2018

अगर आप पेट भरने के लिए मांस भक्षण करते हैं तो यह बेशक आपका "भोजन के चुनाव" का अधिकार है। .

अगर आप पेट भरने के लिए मांस भक्षण करते हैं तो यह बेशक आपका "भोजन के चुनाव" का अधिकार है।
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अगर आप "मेरी किताब में ऐसा लिखा है" सोचकर ईश्वर को प्रसन्न करने के लिए छोटे-छोटे बच्चों के हाथ मे चाकू देकर सरेआम जानवरों को जिबह करके हत्या का सामूहिक उत्सव मनाते हैं तो मेरे दोस्त.. आप मानसिक तौर पर बहुत बीमार हैं।
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अगर आप कहते हैं कि आपकी हजारों साल पुरानी किताब की किसी बात पर उँगली नही उठाई जा सकती तो इसे "आतंकवाद" कहते हैं।
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और जो आतंकवाद के पोषण की इस मानसिकता को कौम विशेष का संवैधानिक अधिकार बता कर समर्थन करते हैं...
वे इस धरा के सबसे बड़े "बौद्धिक आतंकवादी" हैं।
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विशेष नोट: भारत के लिए सबसे बड़ा नासूर सेलेक्टिव सेकुलरिज्म धारण करने वाले बौद्धिक आतंकवादी ही हैं।
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- झकझकिया

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