बहुत मिठास है अपनी भाषा में फिर भी हम अंग्रेजी बोलने में और बोलनेवालों को इतनी इज्जत से देखते है जो बोलने में ही भावहीन लगती है
मित्रो अगर नही विस्वास है तो
किसी भी मित्र से या भाई बंधू से आप प्रेम से सनी वाणी हिंदी में बोलिये
और उसके बाद वही शब्द आप उनसे अंग्रेजी में बोलिये फिर आपको अंतर समझ आ जाएगा
हिंदी है हम वतन है
हिन्दोस्ताँ हमारा
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