इस आधुनिकता के दौर में दायरे कुछ कम हुए है,,,लेकिन सार्थक रूप में नही,,
ये पाश्चत्य सभ्यता का मिलन,, और भारतीय संस्कृति
का लोप होना ही हमारे विनाश का कारण बनती जा रही है
कहा जाता है कि अति अंत का कारण होती है
,,,,यदि अब भी हम नही संभले,,,तो देर दूर नही होगी
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