Wednesday, September 27, 2017

हम अपनी बेटियों को शाम ढलने के बाद निकलने को इसीलिए मना करते है क्योंकि हम सुरक्षित समाज का निर्माण आजतक कर ही नही सके Nirmal

हम अपनी बेटियों को शाम ढलने के बाद निकलने को इसीलिए मना करते है
क्योंकि हम सुरक्षित समाज का निर्माण आजतक कर ही नही पाए ,,,नही तो दिन तो क्या रात में भी हमारी बहने और बेटियां सुरक्षित होती एक पंछी की तरह चाहे जहां उड़ने को,,,नाकि बन्द दरवाजे में कैद रहने को विवश होती

विचार कीजिये कि हम कहाँ है

Nirmal

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