जो मनुष्य अपने प्रिय रिश्तो का त्याग कर सकता है,, उसके लिए लोभ,, मोह,, माया,,, झूठ,,, क्रोध,,, को त्यागना मात्र एक खेल के समान है,, निर्मल अवस्थी
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