उन पत्तो से पूछो तुम
साखो से टूट गये जो
जरा पूछो उन सपनो से
जो हमसे रूठ गये
यादो में आने से पहले
ख्वाबो में खोने से पहले
सिहरती आँखों में कैसे
जाने हम डूब गये
उन पत्तो से पूछो तुम
साखो से टूट गये जो
रात की तन्हाई थी संग
उसमे थे ढेर सारे गम
चंदा से करते थे बाते
वो यादे हा वो पलछिन
हाँ तुममे खोये ऐसे हम
खुद को ही भूल गये हम
उन पत्तो से पूछो तुम
साखो से टूट गये जो
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