Saturday, December 17, 2016

उन पत्तो से पूछो तुम साखो से टूट गये जो

उन पत्तो से पूछो तुम
साखो से टूट गये जो
जरा पूछो उन सपनो से
जो हमसे रूठ गये
यादो में आने से पहले
ख्वाबो में खोने से पहले
सिहरती आँखों में कैसे
जाने हम डूब गये

उन पत्तो से पूछो तुम
साखो से टूट गये जो

रात की तन्हाई थी संग
उसमे थे ढेर सारे गम
चंदा से करते थे बाते
वो यादे हा वो पलछिन
हाँ तुममे खोये ऐसे हम
खुद को ही भूल गये हम

उन पत्तो से पूछो तुम
साखो से टूट गये जो

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