Friday, January 27, 2017

हो यही अंतिम इच्छा,,, तिरंगे शीश पर लहराए,,, बस यही अंतिम इच्छा आखिरी सांस भी,,, जन,,गण,, मन गाये,,

बीत गया गणतंत्र दिवस,,,
अब भूल गए ,,,आजादी को,,
एक दिन ही जगती,,, देशभक्ति,,,
अब भूल गए ,,,आजादी को,,,
ना जन गण मन,,,,
ना वंदे मातरम,,,
अब फ़िल्मी गाने चलाते है,,,
दिल में नही अब राष्ट्रभक्ति,,,
गानों पर ठुमके लगाते है,,,
है इंतज़ार इस बात का ही,,,
एक छुट्टी तो मिल जायेगी,,
वरना किसको है फ़िक्र देश की,,,
15 अगस्त की छुट्टी फिर आएगी,,,
नाही दिल में अब भगत सिंह,,,
नाही सुभाष जी रहते है,,,
हर गली,,और ,,नुक्कड़,,,में,,
ईमान यहां पर बिकते है,,,
आज रो रहा है आमजन,,
नेता जी मौज मनाते है,,,
व्यापारी यहां नाचे गाए,,
किसान रोज लुट जाते है,,
जबसे आया व्हाट्सअप,,,फेसबुक,,
रिश्तों में बढ़ी अब दूरी है,,,
किसी के पास आज अब समय नही
क्योकि fb पर पोस्ट जरूरी है,,,

आओ मिलकर गुणगान करे,,,
जन जन से ये आह्वान करे,,,
पहले धरती माँ,,,बाद में सब,,
किसी राष्ट्र के लिए ,,,बहुत जरूरी है,,,
आओ मिलकर सब साथ चले,,,
मिटाकर दिल की दूरी को,,
ना जात,, पात,,
ना भेदभाव,,,
बस एक धर्म हो,,,
राष्ट्र धर्म,,,
हम जिए सिर्फ भारत के लिए
और मरे सिर्फ भारत के लिए,,
हो यही अंतिम इच्छा,,,
तिरंगे शीश पर लहराए,,,
बस यही अंतिम इच्छा
आखिरी सांस भी,,, जन,,गण,, मन गाये,,

निर्मल अवस्थी
Earth care foundation

Thursday, January 26, 2017

अखण्ड भारत के लिए इतना तो कर ही सकते है,,,,

जातिवाद,,,
क्षेत्रवाद,,,
साम्प्रदायिकता,,,
और,,,
आतंकवाद,,,
ये सबसे बड़े खतरे है हमारे देश के लिए,,,
हमे इनसे लड़ने की जरूरत है,,,
इनको अपने मन,,मस्तिष्क से जड़ से उखाड़ फेंकने की जरूरत है,,,
तभी हम अपने राष्ट्र को दोषमुक्त,,,और भयमुक्त कर सकते है,,,

अखण्ड भारत के लिए इतना तो कर ही सकते है,,,,

जय हिंद
जय भारत
एक भारत
श्रेष्ठ भारत
शिक्षित भारत,,,,
अखण्ड भारत,,,

निर्मल अवस्थी

ये दुनिया बहुत जालिम है,,,,, ये किसी मजबूत आदमी को छु नही सकती ,,, और मजबूर आदमी को जीने नही देती,,, निर्मल अवस्थी

ये दुनिया बहुत जालिम है,,,,,
ये किसी मजबूत आदमी को छु नही सकती ,,,
और मजबूर आदमी को जीने नही देती,,,

निर्मल अवस्थी

Wednesday, January 25, 2017

मोटापे से मुक्ति

          आपको(मोटापा )से मुक्ति दिलाने के लिए हमने एक ब्राह्मत्र की खोज कर ली हे जिससे कितना भी वजन हो 100 के ऊपर ही क्यों ना हो  2 महीने मे गारंटी से 8 से 10 वजन घटेगा,आज कल वजन धटाने के चक्कर मे काफी पैसे आैर समय बबाॅद कर देते है | काफी सप्लिमेंट्स , प्रोटिन पाउडर, बाजार मे वेइट लोस की मिलने वाली दवाइ खाकर परेशान हो जाते हे किंतु उससे थोडा सा भी वेइट लोस नही होता | अंत मे हम यह मान लेते हे की वेइट लोस अब नही होगा | लेकीन अगर आपने निचे दिया हुवा योग इस्तेमाल करेंगे तो आपकी राय बदल जायेगी क्योकी आप इस प्रयोग को करने के बाद सबको यही बताते फिरेंगे की अगर वेइट लोस करनां है तो यह जरुर करे.

🍀*वजन धटाने का चमत्कारी नुस्खा*🍀
➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖
🔹त्रिफला गुगल            40gms
🔹पिप्पली                  20 gms
🔹 शुद्ध शिलाजीत.      10 gms
🔹 शुद्ध गुगुल.             10 gms
🔹 लौह भस्म.            10gms    
🔹 चंद्रप्रभावटि             40 gms
🔹 मेदोहर गुगुल           40 gms
🔹 हरड चूरन               50 gms
🔹 सौंठ चूरन               20 gms
🔹आम्लकी रसायण     60 gms

➡ उपर बताइ गइ आैषधी को मिक्स करके सुबह शाम खाने के 30 मिनिट बाद माञ 4-4 gms की माञा मे लिजिये. 2 महिने के इस्तेमाल से आपका वजन 8-10 कम होगा |

कोलेस्ट्रॉल कम करने के प्राकृतिक उपचार


⛔कोलेस्ट्रॉल कम करने के प्राकृतिक उपचार ⛔         

🍀👉🏻1-500 मिली. पानी में 2 चम्मच धनिये के बीज डालिये और 10 मिनट मध्यम आँच पर उबाल लीजिये.
अब धनिये के इस पानी को छान लीजिये.
ठंडा होने पर इस पानी को सुबह, दोपहर और शाम 3 भागों में पीना चाहिये.
इससे कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है और धीरे धीरे कम भी हो जाता है.

🍀👉🏻कोलेस्ट्रॉल कम करने के प्राकृतिक  उपचार – 2

1 कप लौकी का रस रोज़ाना पीने से हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में बहुत मदद मिलती है और धीरे धीरे कोलेस्ट्रॉल कम हो जाता है.
इसके लिए आप लौकी का रस घर में ही लौकी को मिक्सी में पीसकर निकाल सकते हैं.
एक बात ज़रूर ध्यान रखिये कि लौकी अच्छे स्वाद वाली हो और ताज़ा हो, कड़वी न हो.

🍀👉🏻कोलेस्ट्रॉल कम करने के प्राकृतिक  उपचार – 3

रोज़ाना सुबह 1 ग्लास हल्के गर्म पानी में आधा नीबू निचोड़कर पीना चाहिये.
इससे कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है और धीरे धीरे कम भी हो जाता है.

🍀👉🏻कोलेस्ट्रॉल कम करने के प्राकृतिक उपचार – 4
रोज़ाना कम से कम 1 किलोमीटर तेज़ क़दमों से पैदल ज़रूर चलना चाहिये. इससे कोलेस्ट्रॉल बहुत ही जल्दी कम हो जाता है

Monday, January 23, 2017

जिस दिन हमारे देश के नागरिक राजनेताओ की तरह करने लगे,,,,उस दिन से भारत का पतन होना शुरू हो जाएगा,,,,और     हमारे राजनेता कुछ ऐसा ही भारत बनाना चाहते है,,,, कृपया सभी धैर्य ,,,और ,,,शालीनता का परिचय दे जय हिंद जय भारत

जिस दिन हमारे देश के नागरिक राजनेताओ की तरह करने लगे,,,,उस दिन से भारत का पतन होना शुरू हो जाएगा,,,,और     हमारे राजनेता कुछ ऐसा ही भारत बनाना चाहते है,,,,
कृपया सभी धैर्य ,,,और ,,,शालीनता का परिचय दे

जय हिंद
जय भारत

सोवियत संघ का तानाशाह स्टैलिन एक दिन अपनी पार्टी मीटिंग में एक जिन्दा मुर्गा लेके पहुंचा। भरी मीटिंग में उसने उस मुर्गे के पंख को खींच खींच कर फेकने लगा, मुर्गा तड़पने लगा। वहाँ उपस्थित सभी लोग देखते रहें, स्टालिन ने बिना दया खाये मुर्गे का सारा पंख नोच डाला, फिर जमीन पर फेक दिया। अब उसने अपनी जेब से थोड़े दाने निकाल मुर्गे के आगे डाल दिया। मुर्गा दाने खाने लगा और स्टालिन के पैर के पास आकर बैठ गया। स्टालिन ने और दाने डालें तो मुर्गा वह भी खा गया और स्टालिन के पीछे पीछे घूमने लगा। स्टालिन ने अपनी पार्टी के नेताओ से कहा, जनता इस मुर्गे की तरह होती है।आपको उसे बेसहारा और बेबस करना होगा, आपको उसपर अत्याचार करना होगा, आपको उनकी जरूरतों के लिए तड़पाना होगा। अगर आप ऐसा करोगे तो जब थोड़ा टुकड़े फेकोगे तो वह जीवन भर आपके गुलाम रहेंगें और आपको अपना हीरो मानेंगें, वह यह भुल जाएंगे की उनकी बदतर हालत करने वाले आप ही थे। नोट :- आज की राजनिति जो मुफ्त में सबकुछ देने की बात करते हैं उन पर फिट बैठती है। कृपया अपने वोट की कीमत पहचाने और सही व्यक्ति / सही पार्टी का चुनाव करे। जातिगत भेदभाव आरक्षण से परे रहे लोभ और बहकावे में न आये आर्थिक विकाश व सामाजिक संस्कृति, न्याय को वरीयता दे। जय हिन्द, जय भारत वन्दे मातरम।।

सोवियत संघ का तानाशाह स्टैलिन एक दिन अपनी पार्टी मीटिंग में एक जिन्दा मुर्गा लेके पहुंचा। भरी मीटिंग में उसने उस मुर्गे के पंख को खींच खींच कर फेकने लगा, मुर्गा तड़पने लगा।
वहाँ उपस्थित सभी लोग देखते रहें, स्टालिन ने बिना दया खाये मुर्गे का सारा पंख नोच डाला, फिर जमीन पर फेक दिया।
अब उसने अपनी जेब से थोड़े दाने निकाल मुर्गे के आगे डाल दिया।
मुर्गा दाने खाने लगा और स्टालिन के पैर के पास आकर बैठ गया। स्टालिन ने और दाने डालें तो मुर्गा वह भी खा गया और स्टालिन के पीछे पीछे घूमने लगा।
स्टालिन ने अपनी पार्टी के नेताओ से कहा, जनता इस मुर्गे की तरह होती है।आपको उसे बेसहारा और बेबस करना होगा, आपको उसपर अत्याचार करना होगा, आपको उनकी जरूरतों के लिए तड़पाना होगा। अगर आप ऐसा करोगे तो जब थोड़ा टुकड़े फेकोगे तो वह जीवन भर आपके गुलाम रहेंगें और आपको अपना हीरो मानेंगें, वह यह भुल जाएंगे की उनकी बदतर हालत करने वाले आप ही थे।

नोट :- आज की राजनिति जो मुफ्त में सबकुछ देने की बात करते हैं उन पर फिट बैठती है।

कृपया अपने वोट की कीमत पहचाने और सही व्यक्ति / सही पार्टी का चुनाव करे।

जातिगत भेदभाव आरक्षण से परे रहे लोभ और बहकावे में न आये आर्थिक विकाश व सामाजिक संस्कृति, न्याय को वरीयता दे।

जय हिन्द, जय भारत
वन्दे मातरम।।

Sunday, January 22, 2017

Jaroori jaankari

एक सिलेंडर की कीमत 551 रुपये, इंडियन आयल से बैंक में वापस जमा - 129 रूपये,

यानी, 551 - 129= 422 रूपये।

इसके पहले हमें सिलेंडर मिलता था 418 रूपये में,

मतलब कुल 4 रूपये का   नुकसान।

अब पता ये लगाना है की मेरे द्वारा जमा पैसा ही मुझे वापस मिला। तो फिर सब्सिडी का पैसा कहाँ गया, बल्कि पहले से ज्यादा पैसे मुझे देने पड़े।

ये कौन सा गणित है...? पूरा देश सोच रहा है की उसे सब्सिडी का पैसा मिल रहा है, पर जनाब ये तो हमारा पैसा ही हमें मिल रहा है।

मुद्दा नम्बर :-02

देश में पेट्रोल की कीमत कैसे तय होती है, उसका पूरा प्रोसेस इस प्रकार है :-

कच्चे तेल की वर्तमान कीमत = 50 डॉलर प्रति बेरेल।

(जहाँ,  $1 = 63/-

और 1 बेरेल = 159 लीटर )

यानी, $50 = Rs.3150/-

1 लीटर कच्चा तेल भारत खरीदता है (3150/159) =19.80 रुपयों में।

1 लीटर पेट्रोल बनाने के लिए लगने वाला कच्चा तेल -  

0.96 लीटर @19.80/- = 19.00/-

अब कच्चे तेल में से एक लीटर पेट्रोल बनाने की फिक्स्ड कीमत होती है 6 रूपये (ट्रांसपोर्टेशन मिलाकर)।

यानी, 19.00 रूपये + फिक्स्ड कीमत, 6 रूपये = 25.00 रूपये में एक लिटर पेट्रोल बनता है।

अब उसमे केंद्र सरकार का टेक्स लगता है, 25% यानी 6 रूपये।

यानी 25 + 6 = 31 रूपये।

और उपर से फिर राज्य सरकार के टेक्स जैसे VAT,

जिसे हम एवरेज 15% गिने तो होते है 5 रूपये यानी कुल मिलाकर होते है 36 रूपये।

और आखिर में पेट्रोल पंप डीलरों को पर लीटर 90 पैसे कमिशन दिया जाता है तो होते है कुल 37 रूपये।

लेकिन फिर भी आज हमे 73/- प्रति लीटर में पेट्रोल मिल रहा है॥

कृपया कड़ी मेहनत से प्राप्त हुई ये जानकारी देश के हर एक नागरिक तक पहुँचाने की कोशिश करे ।

शान है या छलावा...।

पूरे  भारत  में एक ही  जगह ऐसी  है  जहाँ खाने  की चीजें  सबसे सस्ती है ।

चाय = 1.00

सुप = 5.50

दाल= 1.50

खाना =2.00

चपाती  =1.00

चिकन= 24.50

डोसा = 4.00

बिरयानी=8.00

मच्छी= 13.00

ये  सब चीजें  सिर्फ  गरीबों के  लिए  है  और ये सब Available है  Indian Parliament Canteen में।

और  उन  गरीबों की  पगार है  80,000 रूपये  महीना वो  भी  बिना income tax के ।

आपके Mobile में जितने  भी  नम्बर save है  सबको forward करें ताकि  सबको  पता  चले …

कि यही कारण  है  कि  इन्हें लगता है  कि जो  आदमी  30 या 32 रूपये  रोज  कमाता है  वो गरीब  नहीं हैं।

Jokes तो हर रोज Forward करते  हैं,  आज  इसे  भी Forward करें।

Whatsapp sewa

Thursday, January 19, 2017

नम आँखों से हार्दिक श्रीद्धांजली,,,,उन सभी माताओ के लिए,,,,जिनके आँचल आज सूने है,,,लेकिन शाशन प्रसासन से एक सवाल भी की कृपया जो भी नियम कानून बनाये वो सिर्फ कागजो तक ही सीमित ना रहे और उनका वास्तविकता में क्रियान्वन होता तो आज एटा यू पी में इतने मासूमो की जान नही जाती 😢😢😢😢😢😢😢

कुछ खो गये जो बचपन,,,कल
वो नही है आज के पल में,,,
चारो और अँधेरा है जैसे,,,
लेकिन सूरज उदित है आज,,,
पर फिर भी मेरी माँ की ममता निराश है,,,
उसकी लालिमा अंगारे उगल रही है,,,,,
बस मन,,से,,मन पूछ रहा ये सवाल है,,
जाने कहाँ गया मेरा लला,,
जो सोयी सोयी आँखों से जगा था,,
वो आज हमेशा के लिए विलुप्त हो गया,,
मैं जीवित हु,,,,पर ,,,म्रत के समान हूँ,,,,
जो कल गतिमान थी,,,आज एक स्थिर शिला समान है,,,,
कैसे समझाऊ अपने मन को,,,,
जैसे मेरो लला ही मेरे प्राण था,,,,
चलते चलते ये साँसे थम जाए,,,,
जाने किसके दोष की सजा,,,,
मेरे निर्दोष को मिली है,,,
अब किसको मैं सुनाऊँगी लोरी,,,
किसको अपनी गोदी में खिलाऊंगी,,,
कौन धीरे धीरे आकरके,,,मुझसे लिपट जाएगा,,
मैं क्या थी कल,,,,क्या बन गयी आज,,,
ये भी एक सवाल है

नम आँखों से हार्दिक श्रीद्धांजली,,,,उन सभी माताओ के लिए,,,,जिनके आँचल आज सूने है,,,लेकिन शाशन प्रसासन से एक सवाल भी की कृपया जो भी नियम कानून बनाये वो सिर्फ कागजो तक ही सीमित ना रहे
और उनका वास्तविकता में क्रियान्वन होता तो आज एटा यू पी में इतने मासूमो की जान नही जाती
😢😢😢😢😢😢😢

यदि किसानों ने खेती*           *करना छोड़ दिया तो*           *तपस्वियों का तप*         *उद्योगपतियों के कारखाने*           *नेताओं के भाषण🎤*           *और देश का विकास*      *सब धरे के धरे रह जाएंगे*।।

          यदि किसानों ने खेती*
          *करना छोड़ दिया तो*
          *तपस्वियों का तप*
        *उद्योगपतियों के कारखाने*
          *नेताओं के भाषण🎤*
          *और देश का विकास*
     *सब धरे के धरे रह जाएंगे*।।

2008 में सरकारी टीचर का वेत्तन 30000 रुपये
2016 में वेतन 50000 रुपये

2008 में किसान के गेहूँ की कीमत 1300 रुपये  2016 में 1500 रुपये

2008 में कपास 3500 रुपये
2016 में 4500 रुपये

*विधायक का वेतन*
2008 में 60000 रुपये
2016 में 125000 रुपये

2008 में मक्का 1000 रुपये
2016 में 1200 रुपये

ज्वार 2008 मे 1200 रुपये
2016 में 1400 रुपये

*दूसरी ओर कीटनाशकों के दाम डबल*

डी ए पी
2008 में 450 रुपये
2016 में 1250 रुपये

पोटाश
2008 में 400 रुपये से
2016 में 900 रूपये
सुपर
2008 में 150 रुपये से 2016 में 300 रुपये

*किसानों की आय डबल क्यों नही*????

*अगर सच्चे किसान के बेटे हो तो मेरी बात का समर्थन करना ओर किसान भाइयों को जागरुक करना*...

जय किसान।।        
                          सात वेतन आयोग बना दिये हैं अब तक।    

*एक किसान आयोग भी बना दो साहेब*

🙏🏻🙏🏻

किसान खेत में मरता है और
किसान का बेटा फौज में,
नेता देश में ऐश करता है
उसका बेटा विदेश में।।
😊😢🙈🙉🙊😥😣

अगर आप किसान के बेटे हैं तो इसे आगे बढायें।

Agyaat

Wednesday, January 18, 2017

निर्णय की घडी टिक टिक कर रही है लेकिन ये बहुत ही कठिन समय है मेरे लिए अपनों के पास रहने का दिल है लेकिन मन अपनों से दूर करना चाहता है मैं मन की सुनु या दिल की इस कसमकस में मैं खुद को निःसहाय पाता हु कुछ कर्तव्यों का वहन करना है पर कुछ कदम उनके संग भी चलना है कभी जोर जोर चलती है समय की घड़ी कभी कभी चलते चलते रुक जाती है कभी जन्मो को पलो में तो कभी पलो में जन्मो का एहसास कराती है तुम बिन इन लम्हों को जिए भी तो भला कैसे जिए निर्णय की घडी टिक टिक कर रही है लेकिन ये बहुत ही कठिन समय है मेरे लिए ???????????????????// निर्मल मन की कठोर संवेदना ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

निर्णय की घडी टिक टिक कर रही है
लेकिन ये बहुत ही कठिन समय है मेरे लिए
अपनों के पास रहने का दिल है
लेकिन मन अपनों से दूर करना चाहता है
मैं मन की सुनु या दिल की
इस कसमकस में मैं खुद को निःसहाय पाता हु
कुछ कर्तव्यों का वहन  करना है
पर कुछ कदम उनके संग भी चलना है
कभी जोर जोर चलती है समय की घड़ी
कभी कभी चलते चलते रुक जाती है
कभी जन्मो को पलो में तो
कभी पलो में जन्मो का एहसास कराती है

तुम बिन इन लम्हों को
जिए भी तो भला कैसे जिए
निर्णय की घडी टिक टिक कर रही है
लेकिन ये बहुत ही कठिन समय है मेरे लिए ???????????????????//

निर्मल मन की कठोर संवेदना ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

Tuesday, January 17, 2017

क्या कोई जानता है कि,,, गरीबों,,, अनाथों,,, और लाचार,,,लोगो की क्या जाति,,, या धर्म होता है,,,, वो हिन्दू,,,है,,,या ,,,मुस्लिम,,,,सिख,,,या ,,,ईसाई,,, शायद इनकी जाति,,, गरीबी,, और,,,धर्म भी,,,गरीब ही होता है,, तभी हर धर्म के ठेकेदार,,,को कोई दर्द नही होता,,, ना ही वो उनकी आवाज बनना चाहते है,,, ना ही कोई फतवा निकालता है इसके खिलाफ,,, ना किसी किसी में संवेदना या दया होती है इनके लिए,,, क्योकि,,, हम,,और ,,,हमारा देश,,,,जाति,, और,,,धर्म में बंटा हुआ है,,,हम कुछ कुत्सित मानसिकता वाले लोगो की भीड़ ज्यादा पसंद करते है,,, क्योकि शायद गरीबो से कोई फायदा नही है,, नाही किसी पुजारी को,,, और,, नाही किसी,,,मौलवी को,,, इसलिए मित्रो ,, हिन्दू,,,मुस्लिम,,, बनने से पहले भारतीय बनो,,, भारत माता की जय,, जय हिंद,,, जय भारत,,,

क्या कोई जानता है कि,,,
गरीबों,,, अनाथों,,, और लाचार,,,लोगो की क्या जाति,,, या धर्म होता है,,,,
वो हिन्दू,,,है,,,या ,,,मुस्लिम,,,,सिख,,,या ,,,ईसाई,,,
शायद इनकी जाति,,, गरीबी,,
और,,,धर्म भी,,,गरीब ही होता है,,
तभी हर धर्म के ठेकेदार,,,को कोई दर्द नही होता,,,
ना ही वो उनकी आवाज बनना चाहते है,,,
ना ही कोई फतवा निकालता है इसके खिलाफ,,,
ना किसी किसी में संवेदना या दया होती है इनके लिए,,,
क्योकि,,, हम,,और ,,,हमारा देश,,,,जाति,, और,,,धर्म में बंटा हुआ है,,,हम कुछ कुत्सित मानसिकता वाले लोगो की भीड़ ज्यादा पसंद करते है,,,
क्योकि शायद गरीबो से कोई फायदा नही है,,

नाही किसी पुजारी को,,,
और,,
नाही किसी,,,मौलवी को,,,

इसलिए मित्रो ,,
हिन्दू,,,मुस्लिम,,,
बनने से पहले भारतीय बनो,,,

भारत माता की जय,,

जय हिंद,,,
जय भारत,,,

Monday, January 9, 2017

रूढ़िवादी परम्पराओ को टूटना चाहिए लेकिन इसका जिम्मेदार किसी जाति। या धर्म को ठहराना कतई गलत होगा क्योकि इसको मानने वाले समाज में हर वर्ग से सम्बन्ध रखने वाले होते है तो मानसिकता बदलिये सब कुछ बदलेगा इसलिए मित्रो व्यर्थ में सम्पूर्ण धर्म या जाति के ऊपर संदेह करना गलत है गर्व से कहो हम भारतवासी है नाकि इस धर्म के या उस जाति के बस और बस मानवता ही हमारा धर्म है

रूढ़िवादी  परम्पराओ को टूटना चाहिए लेकिन इसका जिम्मेदार किसी जाति। या धर्म को ठहराना कतई गलत होगा क्योकि इसको मानने वाले समाज में हर वर्ग से सम्बन्ध रखने वाले होते है तो मानसिकता बदलिये सब कुछ बदलेगा
इसलिए मित्रो व्यर्थ में सम्पूर्ण धर्म या जाति के ऊपर संदेह करना गलत है

गर्व से कहो हम भारतवासी है
नाकि इस धर्म के या उस जाति के
बस और बस मानवता ही हमारा धर्म है

Sunday, January 8, 2017

कट्टरता,, जिद,,, भेदभाव,, असमानता,,, ये हर व्यक्ति,,,, धर्म,,,, या किसी भी देश के लिए जहर हैं कृपया इनका त्याग करें

कट्टरता,,
जिद,,,
भेदभाव,,
असमानता,,,
ये हर व्यक्ति,,,,
धर्म,,,,
या किसी भी देश के लिए जहर हैं
कृपया इनका त्याग करें

Friday, January 6, 2017

क्या मेरा अतीत तुम हो,, या मेरा वर्तमान,,,, या शायद मेरा भविष्य,,,

क्या मेरा अतीत तुम हो,,
या मेरा वर्तमान,,,,
या शायद मेरा भविष्य,,,,
कुछ तो रिश्ता है,,, ही हमारा तुम्हारा,,
जो चाँद में भी तुम नजर आते है,,,
कभी सपनो में,,,
तो कभी ओश की चमकती बूंदों में,,,
देखता रहता हूं तुम्हे,,
हाँ मैंने देखा नही है तुम्हे,,,
फिर भी तुम हो,,,
मेरे एहसासों के प्रतिबिम्ब मे,,,
कुछ कुहांसा सा छाया है,,,
मेरे मन की नदी में,,,
जिसमे इक ओर मैं,,बैठा
तेरी परछाई को देखता रहता हूं,,,निहारता रहता हूं,,
की शायद दुसरे छोर से कोई आवाज आये,,,
धीरे धीरे मेरे मन की नदी बहती रहती है ,,,
सूने सपनो के आकाश तले,,,
जहां मैं,,,और,,,तुम,,,और मीलो फैली असीमित तन्हाई,,,
फिर भी मेरी आशाओं,,,में,,
बन्द आँखों से,,,बन्द आँखों में,,
सूरज की लालिमा की तरह ,,,
मेरे ह्रदय में प्रवेश कर जाते हो,,,,
और धीरे से कुछ,,,बेज़ुबान शब्दों में,,,
जैसे कुछ कह जाते हो,,,
कि,,,,
मुझे तुमसे,,,तुम्हे मुझसे,,,,
तुम्हे मुझसे,,,मुझे तुमसे,,,
मुहब्बत है,,,,

निर्मल अवस्थी

क्या मेरा अतीत तुम हो,,

क्या मेरा अतीत तुम हो,,
या मेरा वर्तमान,,,,
या शायद मेरा भविष्य,,,,
कुछ तो रिश्ता है,,, ही हमारा तुम्हारा,,
जो चाँद में भी तुम नजर आते है,,,
कभी सपनो में,,,
तो कभी ओश की चमकती बूंदों में,,,
देखता रहता हूं तुम्हे,,
हाँ मैंने देखा नही है तुम्हे,,,
फिर भी तुम हो,,,
मेरे एहसासों के प्रतिबिम्ब मे,,,
कुछ कुहांसा सा छाया है,,,
मेरे मन की नदी में,,,
जिसमे इक ओर मैं,,बैठा
तेरी परछाई को देखता रहता हूं,,,निहारता रहता हूं,,
की शायद दुसरे छोर से कोई आवाज आये,,,
धीरे धीरे मेरे मन की नदी बहती रहती है ,,,
सूने सपनो के आकाश तले,,,
जहां मैं,,,और,,,तुम,,,और मीलो फैली असीमित तन्हाई,,,
फिर भी मेरी आशाओं,,,में,,
बन्द आँखों से,,,बन्द आँखों में,,
सूरज की लालिमा की तरह ,,,
मेरे ह्रदय में प्रवेश कर जाते हो,,,,
और धीरे से कुछ,,,बेज़ुबान शब्दों में,,,
जैसे कुछ कह जाते हो,,,
कि,,,,
मुझे तुमसे,,,तुम्हे मुझसे,,,,
तुम्हे मुझसे,,,मुझे तुमसे,,,
मुहब्बत है,,,,

निर्मल अवस्थी

क्या मेरा अतीत तुम हो,, या मेरा वर्तमान,,,, या शायद मेरा भविष्य,,,, कुछ तो रिश्ता है,,, ही हमारा तुम्हारा,, जो चाँद में भी तुम नजर आते है,,, कभी सपनो में,,, तो कभी ओश की चमकती बूंदों में,,, देखता रहता हूं तुम्हे,, हाँ मैंने देखा नही है तुम्हे,,, फिर भी तुम हो,,, मेरे एहसासों के प्रतिबिम्ब मे,,, कुछ कुहांसा सा छाया है,,, मेरे मन की नदी में,,, जिसमे इक ओर मैं,,बैठा तेरी परछाई को देखता रहता हूं,,,निहारता रहता हूं,, की शायद दुसरे छोर से कोई आवाज आये,,, धीरे धीरे मेरे मन की नदी बहती रहती है ,,, सूने सपनो के आकाश तले,,, जहां मैं,,,और,,,तुम,,,और मीलो फैली असीमित तन्हाई,,, फिर भी मेरी आशाओं,,,में,, बन्द आँखों से,,,बन्द आँखों में,, सूरज की लालिमा की तरह ,,, मेरे ह्रदय में प्रवेश कर जाते हो,,,, और धीरे से कुछ,,,बेज़ुबान शब्दों में,,, जैसे कुछ कह जाते हो,,, कि,,,

क्या मेरा अतीत तुम हो,,
या मेरा वर्तमान,,,,
या शायद मेरा भविष्य,,,,
कुछ तो रिश्ता है,,, ही हमारा तुम्हारा,,
जो चाँद में भी तुम नजर आते है,,,
कभी सपनो में,,,
तो कभी ओश की चमकती बूंदों में,,,
देखता रहता हूं तुम्हे,,
हाँ मैंने देखा नही है तुम्हे,,,
फिर भी तुम हो,,,
मेरे एहसासों के प्रतिबिम्ब मे,,,
कुछ कुहांसा सा छाया है,,,
मेरे मन की नदी में,,,
जिसमे इक ओर मैं,,बैठा
तेरी परछाई को देखता रहता हूं,,,निहारता रहता हूं,,
की शायद दुसरे छोर से कोई आवाज आये,,,
धीरे धीरे मेरे मन की नदी बहती रहती है ,,,
सूने सपनो के आकाश तले,,,
जहां मैं,,,और,,,तुम,,,और मीलो फैली असीमित तन्हाई,,,
फिर भी मेरी आशाओं,,,में,,
बन्द आँखों से,,,बन्द आँखों में,,
सूरज की लालिमा की तरह ,,,
मेरे ह्रदय में प्रवेश कर जाते हो,,,,
और धीरे से कुछ,,,बेज़ुबान शब्दों में,,,
जैसे कुछ कह जाते हो,,,
कि,,,,
मुझे तुमसे,,,तुम्हे मुझसे,,,,
तुम्हे मुझसे,,,मुझे तुमसे,,,
मुहब्बत है,,,,

निर्मल अवस्थी

मेरी पहचान अजीब है,, कुछ कटे फ़टे कपड़ो में कही,,, अंजान सा बेजान सा,,, कभी किसी कोने में,,, तो कभी खुले आसमा के तले,,, मिल जाऊँगा अँधेरी ठिठुरती रातो में तुम्हे,, सड़क किनारे फुटपाथ पर हर कही,, इसीलिए शायद मेरी पहचान,,,,अजीब है,, इसिलिए शायद लोग कहते मुझे गरीब है,,, हाँ जब ठंड बढ़ती है,,, तो मुझ जैसो की मुश्किल बढ़ जाती है,,, कभी कभी सोते हुए,,,नींद नही आती है,,, सिकुड़ते रहते है अपने ख्यालो में कही,,, जाने क्यों राते सदियो से लम्बी हो जाती है,,, और कभी कभी तो ये इतना कहर ढाती है,,, जिसमे साँसे मेरी थम जाती है,,, इसीलिए शायद हमारी किश्मत भी अजीब है,,, इसीलिए शायद मेरी पहचान,,,,अजीब है,, इसीलिए शायद लोग कहते मुझे गरीब है,,, हाँ ये दुनिया वाले कभी कभी मेहरबान होते है,,, जब हम दिखते है टेलीविज़न पर,,, तब शायद ये नेता हम पर मेहरबान होते है,,, हाँ हमे भी खूब पता है यारो,, कैसे हमारा मजाक ये बनाते है,,, कभी ये एक रात गुजारते है हमारी झोपडी में,,,, और खुद महान बनते है,,, कभी हमारे कटे फ़टे कपड़ो को,,, चुनाव निशान कहते है,,,, कभी कभी हमे अपना भाईजान कहते है,,, लेकिन हमें भी पता है,,, यही हमारा नसीब है इसीलिए शायद मेरी पहचान,,,,अजीब है,, इसीलिए शायद लोग कहते मुझे गरीब है,,,

मेरी पहचान अजीब है,,
कुछ कटे फ़टे कपड़ो में कही,,,
अंजान सा बेजान सा,,,
कभी किसी कोने में,,,
तो कभी खुले आसमा के तले,,,
मिल जाऊँगा अँधेरी ठिठुरती रातो में तुम्हे,,
सड़क किनारे फुटपाथ पर हर कही,,
इसीलिए शायद मेरी पहचान,,,,अजीब है,,
इसिलिए शायद लोग कहते मुझे गरीब है,,,

हाँ जब ठंड बढ़ती है,,,
तो मुझ जैसो की मुश्किल बढ़ जाती है,,,
कभी कभी सोते हुए,,,नींद नही आती है,,,
सिकुड़ते रहते है अपने ख्यालो में कही,,,
जाने क्यों राते सदियो से लम्बी हो जाती है,,,
और कभी कभी तो ये इतना कहर ढाती है,,,
जिसमे साँसे मेरी थम जाती है,,,
इसीलिए शायद हमारी किश्मत भी अजीब है,,,

इसीलिए शायद मेरी पहचान,,,,अजीब है,,
इसीलिए शायद लोग कहते मुझे गरीब है,,,

हाँ ये दुनिया वाले कभी कभी मेहरबान होते है,,,
जब हम दिखते है टेलीविज़न पर,,,
तब शायद ये नेता हम पर मेहरबान होते है,,,
हाँ हमे भी खूब पता है यारो,,
कैसे हमारा मजाक ये बनाते है,,,
कभी ये एक रात गुजारते है हमारी झोपडी में,,,,
और खुद महान बनते है,,,
कभी हमारे कटे फ़टे कपड़ो को,,,
चुनाव निशान कहते है,,,,
कभी कभी हमे अपना भाईजान कहते है,,,
लेकिन हमें भी पता है,,,
यही हमारा नसीब है
इसीलिए शायद मेरी पहचान,,,,अजीब है,,
इसीलिए शायद लोग कहते मुझे गरीब है,,,

Tuesday, January 3, 2017

✔ *भीम एप्प का उपयोग कैसे करें।* ➖1. सबसे पहले Google Play Store से BHIM App Download करें। ➖2. उसके बाद अपने Bank Account को इस App में Register करें। ➖ 3. Register करने के साथ अपने लिए एक UPI Pin Set Up करें। ➖ 4. User का Mobile Number ही उसके Payment का Address होगा। ➖ 5. एक बार आपका Registration पूरा होने के बाद आप अपने Transaction BHIM App में शुरू कर सकते हैं। ✔ *BHIM App द्वारा पूरी जानकारी भीम एप्प पैसे कैसे भेज सकते हैं और प्राप्त कर सकते हैं ??* ➖ 1. BHIM App पर अपने आप अपने दोस्तों, दूर बैठे परिवार के लोगों और उपभोगताओं को भी भेज सकते हैं। ➖ 2.भीम एप्प पर सभी Transaction Registered मोबाइल नंबर यानि की Payment Address पर भेजा जा सकता है। ➖ 3.आप बिना UPI सुविधा वाले बैंकों में भी पैसे Transfer कर सकते हैं। उसके लिए आप MMID और IFSC सुविधा की मदद ले सकते हैं। ➖ 4.आप किसी अन्य Registered Mobile Number या User से Money Receive करने के लिए Request भी भेज सकते हैं। ✔ *BHIM App में Bank Account के लिए UPI Pin कैसे Set करें?* ➖ 1. सबसे पहले BHIM App के Main Menu में जाएँ। ➖ 2. उसके बाद Bank Accounts को Select करें। ➖ 3. उसके बाद Set UPI Pin, Option को चुनें। ➖ 4. उसके बाद आपको अपने ATM/Debit Card का 6 Digit वाला Number डालना होगा अपने Card के Expiry Date के साथ। उसके बाद आपके पास एक OTP प्राप्त होगा। ➖ 5. उसको App में Dial करने के बाद आप अपना UPI Pin बना सकते हैं। ✔ *कौन से बैंक भीम एप्प में सपोर्ट करते हैं?* इलाहाबाद बैंक.. आंध्रा बैंक.. एक्सिस बैंक.. बैंक ऑफ बड़ौदा.. बैंक ऑफ इंडिया.. बैंक ऑफ महाराष्ट्र.. केनरा बैंक.. कैथोलिक सीरियन बैंक.. सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया.. डीसीबी बैंक.. देना बैंक.. फेडरल बैंक.. एचडीएफसी बैंक.. आईसीआईसीआई बैंक.. आईडीबीआई बैंक.. आईडीएफसी बैंक.. इंडियन बैंक.. इंडियन ओवरसीज बैंक.. इंडसइंड बैंक.. कर्नाटक बैंक.. करूर वैश्य बैंक.. कोटक महिंद्रा बैंक.. ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स.. पंजाब नेशनल बैंक.. आरबीएल बैंक.. साउथ इंडियन बैंक.. स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक.. भारतीय स्टेट बैंक.. सिंडिकेट बैंक.. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया.. यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया.. विजया बैंक। *BHIM App से अन्य जानकारियाँ*. ➖BHIM App के इस्तेमाल करने वाले User अपना Balance भी Check कर सकते हैं और अपने Transaction से जुडी जानकारियाँ भी। ➖Users अपने Phone Number पर अदिकतर तौर पर Custom Payment Address भी बना सकते हैं। ➖जल्द से जल्द Transaction को पूरा करने के लिए आप QR Code Scan करने से भी कर सकते हैं। ➖सबसे ज़बरदस्त बात है BHIM App English (अंग्रेजी) और Hindi (हिंदी) दोनों भाषाओं में आप इस्तेमाल कर सकते हैं। *सरकार का कहना है आप जल्द ही BHIM App को अन्य भाषाओँ में भी उपयोग कर सकेंगे।* 🙏🏻 *देशहित और जनहित में शेयर करें* 🙏🏻

✔ *भीम एप्प का उपयोग कैसे करें।*

➖1. सबसे पहले Google Play Store से BHIM App Download करें।
➖2. उसके बाद अपने Bank Account को इस App में Register करें।
➖ 3. Register करने के साथ अपने लिए एक UPI Pin Set Up करें।
➖ 4. User का Mobile Number ही उसके Payment का Address होगा।
➖ 5. एक बार आपका Registration पूरा होने के बाद आप अपने Transaction BHIM App में शुरू कर सकते हैं।

✔ *BHIM App द्वारा पूरी जानकारी भीम एप्प पैसे कैसे भेज सकते हैं और प्राप्त कर सकते हैं ??*

➖ 1. BHIM App पर अपने आप अपने दोस्तों, दूर बैठे परिवार के लोगों और उपभोगताओं को भी भेज सकते हैं।
➖ 2.भीम एप्प पर सभी Transaction Registered मोबाइल नंबर यानि की Payment Address पर भेजा जा सकता है।
➖ 3.आप बिना UPI सुविधा वाले बैंकों में भी पैसे Transfer कर सकते हैं।
उसके लिए आप MMID और IFSC सुविधा की मदद ले सकते हैं।
➖ 4.आप किसी अन्य Registered Mobile Number या User से Money Receive करने के लिए Request भी भेज सकते हैं।

✔ *BHIM App में Bank Account के लिए UPI Pin कैसे Set करें?*

➖ 1. सबसे पहले BHIM App के Main Menu में जाएँ।
➖ 2. उसके बाद Bank Accounts को Select करें।
➖ 3. उसके बाद Set UPI Pin, Option को चुनें।
➖ 4. उसके बाद आपको अपने ATM/Debit Card का 6 Digit वाला Number डालना होगा अपने Card के Expiry Date के साथ।
उसके बाद आपके पास एक OTP प्राप्त होगा।
➖ 5. उसको App में Dial करने के बाद आप अपना UPI Pin बना सकते हैं।

✔ *कौन से बैंक भीम एप्प में सपोर्ट करते हैं?*

इलाहाबाद बैंक.. आंध्रा बैंक.. एक्सिस बैंक.. बैंक ऑफ बड़ौदा.. बैंक ऑफ इंडिया.. बैंक ऑफ महाराष्ट्र.. केनरा बैंक.. कैथोलिक सीरियन बैंक.. सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया.. डीसीबी बैंक.. देना बैंक..  फेडरल बैंक.. एचडीएफसी बैंक.. आईसीआईसीआई बैंक.. आईडीबीआई बैंक.. आईडीएफसी बैंक.. इंडियन बैंक.. इंडियन ओवरसीज बैंक.. इंडसइंड बैंक.. कर्नाटक बैंक.. करूर वैश्य बैंक.. कोटक महिंद्रा बैंक.. ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स.. पंजाब नेशनल बैंक.. आरबीएल बैंक.. साउथ इंडियन बैंक.. स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक.. भारतीय स्टेट बैंक.. सिंडिकेट बैंक.. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया.. यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया.. विजया बैंक।

*BHIM App से अन्य जानकारियाँ*.

➖BHIM App के इस्तेमाल करने वाले User अपना Balance भी Check कर सकते हैं और अपने Transaction से जुडी जानकारियाँ भी।
➖Users अपने Phone Number पर अदिकतर तौर पर Custom Payment Address भी बना सकते हैं।
➖जल्द से जल्द Transaction को पूरा करने के लिए आप QR Code Scan करने से भी कर सकते हैं।
➖सबसे ज़बरदस्त बात है BHIM App English (अंग्रेजी) और Hindi (हिंदी) दोनों भाषाओं में आप इस्तेमाल कर सकते हैं।

*सरकार का कहना है आप जल्द ही BHIM App को अन्य भाषाओँ में भी उपयोग कर सकेंगे।*

🙏🏻 *देशहित और जनहित में शेयर करें* 🙏🏻