जिसका पिता सैनिक होता है,,,
या,,,
जिसका बेटा सैनिक होता है,,,
या,,,
जिसका भाई सैनिक होता है,,
या,,,
जिसका पति सैनिक होता है,,
इन सबमे,,,
किसी के आँगन का दीपक बुझता है,,
तो,,
किसी माँ का आँचल सूना होता है,,
जब,,किसी बहन की राखी ,,अपने भाई को तलाश करते करते,,बेरंग हो जाती है
या,,
जो बचपन अपने सर से आसमान को खो देता है,,
या,,
जब किसी सुहागन औरत को को श्रृंगारहींन होना पड़ता है,,
असली दर्द उन्हें होता है
इन्हीकी जिंदगी नर्क से बदतर हो जाती है
तो नाही उमर अब्दुल्ला की छाती फटती है
ना कन्हैया कुमार चिल्लाता है,,,
नाही उमर खालिद कुत्तों की तरह चिल्लाता है
नाही ये कांग्रेसी दल्ले भड़बड़ाते है,,,
इन कांग्रेसी दलालों को चाहे वो अय्यर हो या संदीप दीक्षित हो इन कुत्तो को दौड़ा कर मारना चाहिए
जो ये हमारे देश के सेनाध्यक्ष को उलूल जुलूल कहने से गुरेज नही करते,,
जय हिंद
जय भारत
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