Monday, June 26, 2017

जीने_की_राह

#जीने_की_राह
*गीता के अध्याय 9 श्लोक 30 मे लिखा है कि अतिश्य दुराचारी भी भक्ति  करके महात्मा के समान हो सकता है।*

#जीने_की_राह
*मानव शरीर मे जो भी प्राप्त हो रहा है वह पूर्व जन्मों का संग्रह किये हुये भक्ति से प्राप्त होता है।*

#जीने_की_राह
*इस संसार मे कोई किसी का सगा नही है सब पूर्व जन्म का ऋण लेने देने के लिये एक दूसरे से जुड़ते है।*

#जीने_की_राह
*इन्द्र को भी इस लोक मे आ कर गधे का जीवन जीना पड़ता है,तो ज़रा विचार कीजिये आप के साथ क्या बनेगी।*

#जीने_की_राह
*यह संसार दुखों का घर है इससे अलग एक संसार और है जहाँ कोई दुख नही है और ना ही जन्म मरण होता है !*

#जीने_की_राह
*इस पुस्तक को पढ़ने से उजड़े परिवार बस जाएंगे जिस परिवार में यह पुस्तक रहेगी नशा अपने आप झूट जाएगा!*

#जीने_की_राह
*इस पुस्तक में, पूर्ण परमात्मा कौन है? उसका नाम क्या है? उसकी भक्ति कैसी है? सब जानकारी मिलेगी !*

#जीने_की_राह
*उत्तम मिलने से यात्रा आसान हो जाएगी जो ये पुस्कतक घर मे न रखेगा वह संसार रूपी वन में अनमोल जीवन नष्ट करेगा!*

#जीने_की_राह
*पुस्तक घर-घर मे रखने योग्य है इसके पढ़ने तथा अमल करने से लोक तथा परलोक सुखी रहेंगे पापों से बचोगे!*

#जीने_की_राह
*यदि किसी भक्त को कुष्ट रोग है और वह भक्ति करने लगा है तो भक्त समाज को चाहिए उससे घृणा न करे!*

#जीने_की_राह
*पूर्व जन्म के पुण्यों के कारण घर मे धन होता है सर्व सुविधाएं होती हैं किसी को राज पद प्राप्त होता है जो भक्ति में बाधक होता है!*

#जीने_की_राह
*आम धारणा- बड़ा होकर पढ़ लिखकर अपने निर्वाह की खोज करके विवाह कराकर परिवार पोषण करेंगे।*

#जीने_की_राह
*क्या मांगू कुछ थिर न रहाई, देखत नैन चला जग जाइ। एक लख पूत सवा लख नाती, उस रावण के दीवा न वाती!*

#जीने_की_राह
*जो अभी है संतान हीन संतान के लिए दुखी ना हो क्योंकि अगले जन्म में !*

#जीने_की_राह
*पुस्तक से पता चलेगा कि  देवताओं का राज इन्द्र भी अगले जन्म में गधा बनता है !*

*सुख का सागर है पूर्ण परमात्मा और उसकी भगति जाने!*
#जीने_की_राह

*जीवित मर कर देखो यानी सांसारिक मोह माया नशे से दूर हो जाओ यही है!*
#जीने_की_राह

#जीने_की_राह
*में जाने की मानव जीवन फिर नही मिलेगा समय रहते करे सद्भगति!*

#जीने_की_राह
*स्त्री पुरुष दो चोले है इनमे उलझ कर अपना जीवन नाश ना करे और जाने सत्य को!*

*हमारे जीवन में हर रोज जाने अनजाने में किंतने पाप हो रहे है!* अवश्य जाने
#जीने_की_राह पुस्तक से

*विवाह में नाचना मूर्खो का कार्य है व्यर्थ की बकवास है तुरन्त त्याग करे और जाने!*
#जीने_की_राह

*जैसे विचार हम अपनी बहन बेटी के बारे में रखते है वैसे ही रखें सभी बहन बेटियों में!*
#जीने_की_राह

*आखिर आप सब को कब होगी फुरसत*
#जीने_की_राह

*विवाह में आज प्रचलित सभी रीति रिवाज है व्यर्थ की फिजूल खर्ची करे उनका त्याग !*
#जीने_की_राह

*प्रेरक प्रसंग से समझे सभी बहन बेटी की कैसा स्वभाव हो उनका अपने पति के प्रति!*
#जीने_की_राह

*सबसे बड़ी बाधा काम वासना का एक मात्र इलाज जाने* #जीने_की_राह में

*जाने पिछले जन्म के पुण्य भी हो सकते है मोक्ष के मार्ग में बाधक!*
#जीने_की_राह

*गलत विचार नही आपके मन में कोई नशा नही फिर भी भगति आवश्यक है !*
#जीने_की_राह

#जीने_की_राह
*पुस्तक पढने मात्र से आपके सांसारिक क्लेश होंगे दूर !*

#जीने_की_राह
*जाने मृत्यु के समय शरीर से प्राण कितने कठिन निकलते है!*

#जीने_की_राह
*अवश्य पढ़ें कैसे कुसंगती का असर होता है और भगती मार्ग में हो तोह कुसंगति का असर कम हो जाता है !*

#जीने_की_राह
*सभी बहनें जाने*

#जीने_की_राह
*और जाने क्यों साजो सिंगार भगती मार्ग में मना है!*

#जीने_की_राह
*शादियों में होने वाले फिजूल खर्च से बचे और सीखे !*

#जीने_की_राह
*और आसान हो जाएगी यदि आप हो पुर्ण संत की शरण में गृहस्थ जीवन ही भगवान को प्राप्त करने की सही विधि है !*

#जीने_की_राह
*ऐसे ना बोले कि देख लेंगे जो होगा सो होगा क्योंकि भगति बिना बहुत कष्ट होगा !*

#जीने_की_राह 
*मौत बिसारी बावरे अचरज कीन्हा कौन तन माटी में मिलेगा ज्यूँ आटे में लुन(नामक)मौत निश्चित है हमेशा याद रखें।*

#जीने_की_राह
*गीता के अध्याय 9 श्लोक 30 मे लिखा है कि अतिश्य दुराचारी भी भक्ति  करके महात्मा के समान हो सकता है।*

#जीने_की_राह
*मानव शरीर मे जो भी प्राप्त हो रहा है वह पूर्व जन्मों का संग्रह किये हुये भक्ति से प्राप्त होता है।*

#जीने_की_राह
*इस संसार मे कोई किसी का सगा नही है सब पूर्व जन्म का ऋण लेने देने के लिये एक दूसरे से जुड़ते है।*

#जीने_की_राह
*इन्द्र को भी इस लोक मे आ कर गधे का जीवन जीना पड़ता है,तो ज़रा विचार कीजिये आप के साथ क्या बनेगी।*

#जीने_की_राह
*यह संसार दुखों का घर है इससे अलग एक संसार और है जहाँ कोई दुख नही है और ना ही जन्म मरण होता है !*

#जीने_की_राह
*इस पुस्तक को पढ़ने से उजड़े परिवार बस जाएंगे जिस परिवार में यह पुस्तक रहेगी नशा अपने आप झूट जाएगा!*

#जीने_की_राह
*इस पुस्तक में, पूर्ण परमात्मा कौन है? उसका नाम क्या है? उसकी भक्ति कैसी है? सब जानकारी मिलेगी !*

#जीने_की_राह
*उत्तम मिलने से यात्रा आसान हो जाएगी जो ये पुस्कतक घर मे न रखेगा वह संसार रूपी वन में अनमोल जीवन नष्ट करेगा!*

#जीने_की_राह
*पुस्तक घर-घर मे रखने योग्य है इसके पढ़ने तथा अमल करने से लोक तथा परलोक सुखी रहेंगे पापों से बचोगे!*

#जीने_की_राह
*यदि किसी भक्त को कुष्ट रोग है और वह भक्ति करने लगा है तो भक्त समाज को चाहिए उससे घृणा न करे!*

#जीने_की_राह
*पूर्व जन्म के पुण्यों के कारण घर मे धन होता है सर्व सुविधाएं होती हैं किसी को राज पद प्राप्त होता है जो भक्ति में बाधक होता है!

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