उस परिस्थिति,,में क्या करे ये मन जिनके साथ हम जुड़े है ,,,वो कभी कभी गलत विचारों का समर्थन करते हैं,,उनको समझाना भी मुश्किल है,,,तो क्या उनका साथ छोड़ना ही उचित है ,,,,क्योकि जहाँ पर दस लोगों में आठ लोग गलत का ही समर्थन कर रहे हो,,,क्योकि वो स्वार्थ से परे है,,,उनको सिर्फ अपना ही सुख,,अपनी ही सुविधा की चिंता है,,,वो मेरे खिलाफ नही है,,,क्योकि कल मैं गरीब था ,,पर समय और परिस्थिति बलवान होने के कारण मैं भी उनके साथ खड़ा हो सकता हूँ,,,
वो गन्दे लोगो को गाली देते हैं,,,जिनके बदन पर कटे फ़टे कपडे है,,,
वो मजदूर है,,,शायद इसलिए मजबूर है,,,
वो रोगी है,,,क्योकि वो अपने इलाज के लिए हमारी दया पर निर्भर है,,,
वो हमारे घर का कूड़ा उठाते है,,,शायद इसलिए हम उनसे दूर से गुजरते हैं,,,
वो अनपढ़ है,,,इसलिए उनको बोलने का सलीका नही पता,,इसलिए हम उन्हें बदतमीज कहते है,,,
शायद इसलिए हम अपने आपको अमीर ,,और,,इन्हें गरीब कहते है,,,
पर मैं तो गरीब उसे समझता हूँ,,,
जो अपनी मानशिकता से गरीब है,,जिसे सिर्फ अपने ही अपने लगते है,,
मैं तो गरीब उसे समझता हूँ,,,
जिनका सारा समय तेरा मेरा करने में निकल जाता है
मैं तो गरीब उसे समझता हूँ,,,
जो जीवन के महत्वपूर्ण क्षणों को शून्य बनाने वाली मशीन समझते है,,,
#मैं गरीबहूँक्याइसीलिएमैंअभिशप्तहूँ
Feelingsad😢😢😢😢😢
Nirmalearthcarefoundation
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