तेरी आँखों में आँखे डालकर जब देखता हूँ तो कभी कभी मेरी होठों की मुस्कान भी आँखे नम कर जाती है,, तो कभी नम आँखे भी मुश्कराने लगती है,,,, और तब मेरा दिल बस यही कहता है,,,, तुझे सब है पता मेरी माँ,,,,,
No comments:
Post a Comment