मेरा अपने देश के सभी सरकारी शिक्षकों से एक प्रश्न है,,कि,, गरीब से गरीब आदमी या कोई रिक्शा चलाने वाला व्यक्ति भी किसी भी सरकारी स्कूल में नही पढ़ाना चाहता,,,
जबकि शिक्षकों का वेतन,,,50 हज़ार के लगभग या उससे ज्यादा है,,,जबकि प्राइवेट सेक्टर में 12 घण्टे का वेतन बमुश्किल 9000 रूपये मिलता है हमको तो ये भी नही पता की ये छठा वेतन क्या होता है,,,या सातवाँ वेतन ,,,,हमारी सैलरी बॉस के मूड पर निर्भर करती है फिर भी हमारा खून पसीने के रूप में गिरता है फिर सरकारी तंत्र ऐसा क्यों है
#whygovernmentschooltooworshtinindia
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