Thursday, May 25, 2017

पर मेरी आत्मा यही कहती है,,, की अब किसी को भी रिक्शे वाला नही बनाना,,,

आजकल के महगाई के ज़माने में,,,,
निकल लिए अपनी सवारी को लेकर,,,
मेरे लिए ये इज्जत की बात है,,,
कि मेरी रोजी,,,रोटी ईमानदारी की है,,,
लोग भले ही मुझे हीन भाव से देखते हो,,,
पर मैं नित अग्रसर रहता हूं,,,
अपने परिवार के पालन पोषण में,,,
मैं और मेरा रिक्शा कभी थकते नही,,,
निरन्तर चलते रहते हैं,,
बिना रुके,,बस और बस चलते रहते हैं,,,
मैं जानता हूँ जो मेरे माँ,,पापा ने मेरा नाम रखा है
वो लोग नही पुकारते हैं,,,
कोई मुझे काला कहता है,,
कोई गाली दे कर पुकारता है,,,
कोई उलटे सीधे नाम लेकर,,,,
मेरी इज्जत के तार तार करता है,,,
नाही हमारे लिए जनता है,,,
नहीं कोई जनप्रतिनिधि,,अथवा कोई नेता
क्योकि मैं गरीब हूँ,,,,एक रिक्शेवाला,,,,
ना कोई हिन्दू आता है
ना कोई मुसलमान,,,
ना कोई साधू संत
ना कोई इंसान,,,
बस उस भगवान को मेरी फ़िक्र है
जिसने मुझे बनाया,,,
पर मेरी आत्मा यही कहती है,,,
की अब किसी को भी रिक्शे वाला नही बनाना,,,

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